behtreen shayari

Behtreen Shayari In Hindi

आ जाओ किसी रोज़ तुम तो तुम्हारी रूह मे उतर जाऊँ !
साथ रहूँ मैं तुम्हारे ना किसी और को नज़र आऊँ !
चाहकर भी मुझे कोई छू ना सके मुझे कोई इस तरह !
तुम कहो तो यूं तुम्हारी बाहों में बिखर जाऊँ !

जिंदगी में खास हो तुम,
मायूस चेहरे की मुस्कान हो तुम,
मेरी हर सांस और धड़कन पर सिर्फ तेरा नाम है ,
तू खुशी से कबूल कर ले मेरी चाहत को मेरी यही अरमान है।

ताजे फूल की खुशबू है तुझ में,
रात के चांद की ठंडक है तुझ में,
छुई मुई पेड़ के जैसा अहसास है तुझ में,
तू है मुझमें और मैं हूं तुझमें।

 

dil todne wali shayari

Dil Todne Wali Shayari In Hindi

मेरी जिंदगी में तुम ना आते तो भुला देता तुम्हें,
मेरे करीब ना तुम इतनी आती तो छोड़ देता तुम्हें,
कहना तो बहुत चाहता हूं कि मेरा तुझसे कोई रिश्ता नहीं,
पर यह कहते समय न आते आंखों में आंसू तो भूल जाता तुम्हे।

जब वो टकराई मुझसे सालों के बाद,
देख कर उसे ऐसा लगा जैसे मुलाकात हुई ,
आज मेरे ख़यालों के बाद,
मैंने बहुत पूछा उसे क्या खता थी मेरी,
परंतु आंसू बहाती रही वो मेरे सवालों के बाद

dard bhari shayari

तिनका तिनका मेरा बिखरता चला गया,
मैं तन्हाई से गहराइयों में उतरता चला गया,
जन्नत होती थी मेरी हर शाम जिस प्यार के साथ,
उसने मुझे ऐसा छोड़ा कि मैं टूटता चला गया।

जब अपनी सहेलियों से जिक्र करते समय मेरा नाम उनके होठों पर आया होगा,
उन्होंने खुद से अपनी नजरों को कैसे चुराया होगा,
जब सुना होगा मेरी बर्बादी का फसाना,
तो क्या उन्हें मेरे पर किया हुआ सितम ना याद आया होगा।

dard bhari shayari

Dard Bhari Shayari In Hindi

घुमा लेते हैं अपनी नजर दिल से निकाल देते हैं,
ऐसे ही लोग हमें वफाओं का सिला देते हैं,
वादा करके गए थे पर ना आए मजार पर,
उनकी इस वादे पर ही तो हमने जान दे दी,
क्या सिला दिया हमको इस एतबार पर।

चिंता इसकी नहीं है कि तूफान कब आ जाए,
परेशान तो इस बात से है कि कहीं तेरा दिल न बदल जाए,
अगर चाहता है तू मुझे बुलाना तो एक एहसान करना
इतना सताना कि तुझे देखते ही मेरी जान निकल जाए।

Dil Todne Wali Shayari

हमसे दूर यह कह कर गई थी,
जल्द वापस आएगी वादा करके गए थी, देखो ए जमाने!
आई है अब मेरे जनाजे पर,
देख लो कैसा वादा वह कर के गयी थी

क्यों बार-बार भुला देते हो,
क्यों हमें रोज जी भर की सजा देते हो,
अगर खटकती हूं तुम्हारे आंखों में इतना,
तो आंसू बनकर पलकों से क्यों नहीं गिरा देते हो।