गोवर्धन पूजा कथा विधि महत्व

गोवर्धन पूजा कथा विधि महत्व  ( Govardhan Puja Vidhi,Mahtav )

गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन ही होता है इसे अंकुट भी कहते हैं। किसान भाई बड़े भाव से इस पूजा को करते हैं। जलवायु और प्राकृतिक संसाधनों को धन्यवाद देते हैं।

गोवर्धन पूजा का महत्व( Govardhan Puja Ka Mahtav )

गोवर्धन पूजा का महत्व है कि हमारा जीवन प्रकृति की हर एक चीज पर ही निर्भर है जैसे कि पेड़,पौधे, पशु, पंछी,नदी, पर्वत उन पर ही निर्भर है। इसलिए हमें उनका ध्यान देना चाहिए। हमारे भारत देश में जलवायु संतुलन का बहुत बड़ा महत्व है। जलवायु संतुलन का विशेष कारण पर्वत मालाएं एवं नदियां हैं। प्राकृतिक धन-संपत्ति के प्रति हमारी भावना व्यक्त करता है। गोवर्धन के दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा बड़े श्रद्धा भाव से की जाती है। यह गोवर्धन पूजा दिवाली के दूसरे दिन होती है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस गोवर्धन पूजा में गाय माता की पूजा की जाती है क्योंकि गाय माता के ही दूध की छाछ, दही, मक्खन यहां तक कि गाय का गोबर, गाय का मुत्र भी हमारे जीवन का कल्याण करता है। गाय का गोबर, दूध, मुत्र सब पूजा के काम आता है। गाय हमारे हिंदू धर्म में गंगा नदी के बराबर मानी जाती है। इसे गोवर्धन पूजा के अन्नकुट भी कहते हैं। अंकुट में भंडारा होता है कई जगह तो यह एक पार्टी जैसा भी मनाया जाता है और यह महीनों तक चलता रहता है। यह पूजा बहुत ही अच्छी लगती है।

गोवर्धन पूजा की कथा ( Govardhan Puja Ki Katha )

गोवर्धन पूजा एक पौराणिक कथा है। कहते हैं कि भगवान कृष्ण का जन्म तो गोकुल में हुआ था। गोकुल में जन्म लेने के बाद ग्वाले के बीच में रहकर भगवान कृष्ण ने विशेष लीलाएं करी थी। कई लोगों का घमंड भी तोड़ा था। कईयों का उद्धार भी किया था। उन्हीं लोगों में एक इंद्रदेव भी है। गोकुल के लोग अच्छी फसल अच्छी जलवायु के लिए इंद्र देव का पूजा भी करते थे। गोकुल वासी हर वर्ष नाचते गाते हुए इंद्र देव की पूजा अर्चना करते थे। इस पूजा को जानने के लिए कृष्ण भगवान ने नंद बाबा से पूछा, यह पूजा क्यों आप करते हैं और किसके लिए करते हैं। तब नंदबाबा ने बाल कृष्ण को बताया कि यह पूजा हम इंद्र देव के स्वागत के लिए करते हैं। इस पर बाल कृष्ण ने नंद बाबा सहित अपने गांव वासियों को समझाया कि इंद्रदेव कि नहीं हमें गोवर्धन पर्वत का स्वागत पूजा-अर्चना बड़े भक्ति भाव से करना चाहिए। कृष्ण की बात मानकर सभी गांव वासियों और नंदबाबा भी बड़े हर्षित हो उठे। और उसके साथ गोवर्धन पर्वत की पूजा की। यह देखकर इंद्रदेव उनसे रूठ गए और गोकुल में आंधी तूफान शुरू कर दिया। सभी ग्रामवासी रोने लगे और उन्हें लगा कि हमारे जीवन खतरे में है। सभी ग्रामवासी पूरी तरह से घबरा गए। ऐसे समय पर बाल कृष्ण ने महान गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी सी उंगली पर उठा लिया और सभी गोकुलवासियों को उस पर्वत के नीचे जीवन दान दिया। फिर इंद्रदेव से युद्ध भी किया और उनका भी घमंड तोड़ दिया। उन्हें एहसास हुआ कि जिस जलवायु के लिए हम अपने आप को महान समझते थे। वह गलत है तभी से गोवर्धन की पर्वत की पूजा बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। मंदिरों में भंडारा होता है। गोवर्धन को लोग गोबर से मंदिरों में पर्वत के रुप में मनाते हैं। उनकी पूजा करते हैं। इस दिन हम कृष्ण और गोवर्धन की पूजा करते हैं और गोवर्धन पर्वत की भी पूजा बड़े भाव से होती है।

गोवर्धन पूजा की विधी ( Govardhan Puja Ki Vidhi )

गोवर्धन की पूजा किसान करते हैं किसान खेतों से शुद्ध मिट्टी अथवा गाय का गोबर और 56 प्रकार का भोजन बनाकर उनकी पूजा करते हैं। गाय के गोबर से घर के मुख्य द्वार के आंगन में गोवर्धन बनाया जाता है फिर उन्हें नवेद चढ़ाकर गोवर्धन की पूजा की जाती है।

विधि ( vidhi )

सुबह जल्दी उठकर हम स्नान करके शुद्ध होकर साफ सुथरे कपड़े पहन कर अपनर घर में पकवान बनाते हैं। खेत में भी गोबर से भगवान गोवर्धन की प्रतिमा बनाई जाती है। साथ ही खेत में भी पूजा की जाती है। जितना संभव हो उतना बनाकर आप गोवर्धन पूजा में शामिल हो सकते हैं। गोवर्धन पर्वत की पूजा प्रकृति की पूजा है। हमें सब कुछ प्रकृति से मिलता है। इन्हें हमें हमेशा ही धन्यवाद करना चाहिए।

गोवर्धन पूजा पौराणिक पूजा है। यह पूजा दिवाली के अगले दिन हम करते हैं जिसकी जैसी श्रद्धा है उसी भाव से की जाती है। गोवर्धन पर्वत अभी भी मौजूद है। वहां पर अभी भी सब जाते हैं उनकी परिक्रमा करते हैं। उनका दर्शन करते हैं। पर्वत के आकार का बहुत बड़ा महत्व है। लोग अपनी कामना लेकर जाते हैं सभी की कामना गोवर्धन भगवान पूर्ण करते हैं। यही इनकी कथा है। इसी प्रकार इनका पूजन होता है और यह इनका महत्व गाय माता की पूजा पर निर्भर है। गोवर्धन पूजा बड़ी पूजा है हमें प्रकृति से मिलाती है।

लड़की को पटाने के तरीका

लड़की को पटाने के तरीका ( Ladki Patane Ke Tarike )

सबकी जिंदगी में कभी ना कभी ऐसा दिन जरूर आता है जब उसे किसी ऐसी लड़की से प्यार हो जाता है। जिसको वह पहली बार देखता है। वह लड़की के साथ बातचीत बढ़ाने की हर मुमकिन कोशिश करता है। उसका फोन नंबर मांग कर अपने रिलेशन को बढ़ाने की कोशिश करता है। परंतु फोन नंबर मांगने की हिम्मत उसके पास नहीं होती है। क्योंकि उसे ऐसा डर लगता है कि कहीं मेरे नंबर मांगने से वह मुझे थप्पड़ ना मार दे। मुझसे दूर ना चली जाए। ऐसे में कुछ लड़के पीछे हट जाते हैं। तो आज ऐसे ही कुछ टिप्स लेकर हम आपके पास आए हैं, जिसमें हम आपको बताएंगे कि लड़कियों को कैसे पटा सकते हैं(Ladki Patane Ke Tarike  ) या कैसे आप उनको इंप्रेस करें। ताकि वह आपकी भावनाओं की कदर करें और आपसे प्यार करने लगे, तो चलिए पढ़ते हैं उनकीे पसंद के बारे में

लड़की को पटाने के तरीका  ( Ladki Patane Ke Tarike )

1. भरोसेमंद बने  (bharosemand bane)

देखिए सबसे पहले अगर आप किसी के साथ रिश्ता शुरू करने वाले हैं। किसी लड़की को अपने प्यार का एहसास दिलाना चाहते हैं तो उसका भरोसा जीतना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि उसी पर रिश्ता टीका रहता है। उसको भरोसा होगा तभी वह आपका अपना फोन नंबर देगी। आप उसे इस बात का भरोसा दिलाए कि आप उसका नंबर अपने दोस्तों को या फिर किसी और को नहीं देंगे।

2. उस से कोंटेक्ट में रहे ( usse contact me rahe )

लड़की से नंबर लेने के बाद उसे कहे कि वह उससे संपर्क में रहे और जब आप यह देखें कि उसका मूड बहुत ही अच्छा है। तो उसे अपने यह बात जरूर कहें कि क्या मैं आपको कभी कभार फोन कर सकता हूं और इसके अलावा कोई दूसरा शब्द इस्तेमाल ना करें।

3. ज्यादा उत्साह न दिखाएं  ( jyada utsah na dikhayen )

अगर लड़की ने आपको अपना नंबर दे दिया है, तो उसमें ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। और ना ही ज्यादा उतावलापन दिखाने की जरूरत है। क्योंकि लड़कियों को ऐसे लड़के बिल्कुल भी नहीं पसंद जो उसके आगे पीछे मंडराते रहे।

4. जो भी बताएं सच बताएं ( jo bhi btaye sach btaye )

अगर आप लड़की से फोन नंबर मांग रहे हैं। और किसी झूठ का सहारा ले रहे हैं। तो आप सबसे बड़ी गलती कर रहे हैं क्योंकि लड़की झूठ को फट से भांप लेती है इसलिए जो भी बताएं सब साफ-साफ और सच में बताए।

5. दोस्‍तों की मदद न लें अपने दम पर करें (doston ki madad n le apne dam par sab karen )

कुछ लड़के ऐसे होते हैं जो अपने दोस्त को हर बात पर आगे कर देते हैं। अपने दोस्त से कहते हैं कि वह लड़की का नंबर लेकर आए। जो कि लड़कियों को बिल्कुल भी नहीं पसंद हैं। उन्हें लगता है कि लड़के में खुद हिम्मत होनी चाहिए एक लड़की का नंबर मांगने की।

6. लड़की को थोड़ा समय दें  ( ladki ko thoda samay de )

अगर आप चाहते हैं कि आपका रिश्ता लंबा चले तो बेहतर है कि आप लड़की को थोड़ा समय दें, सिर्फ नंबर मांग लेने से ऐसा नहीं समझे कि वह आप से पट गई है बल्कि उस को समझें और अपने दिल की बात भी अच्छे से समझाइए।

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Diwali information in hindi

दीपावली-दीयों का पर्व ( Diwali information in Hindi )

भारत पर्व का देश माना जाता है। यहां पर हर होने वाले पर्व पर आपको खुशियां, सुख, शांति और एकता मिलेगी। यह हमारे सांस्कृतिक, परंपरा, सामर्थ्य, सामाजिकता और एकता की कड़ी को जोड़े रखता है। हर एक पर्व का अपना अलग ही महत्व है। परंतु हर एक पर्व हमारी जिंदगी में खुशियां भर देता है। हर एक पर्व के पीछे कोई ना कोई सामाजिक परंपरा या सांस्कृतिक या किसी भी तरह की कथाएं जरुर जुड़ी रहती है। जिससे हमें नया कुछ सीखने को मिलता है।

आज हम जगमगाते दीपों का त्योहार यानी की दीवाली की बात करने जा रहे हैं। जैसे ही यह पर्व आता है उससे पहले ही लोगों के मकान, दुकानें और घरों की सफाई चालू हो जाती है। इस पर्व के आने से लोगों के दिलों में और उनके जिंदगी में एक जोश आ जाता है। एक खुशी की लहर दौड़ने लगती है।

नामकरण- दीपावली दो शब्दों को मिलाकर बना है दीप + अवली। जिसका मतलब होता है दीपों की पंक्ति। इस पर्व पर हर घर में दिए जरूर जलाए जाते हैं। इसी वजह से इसका नाम दीपावली पड़ा।

दीवाली से सम्बद्ध कहानियां-

इस पर्व के साथ अलग-अलग धर्म की अलग-अलग कथाएं जुड़ी हुई है। पर इन सब कथाओं में से सबसे प्रमुख कथा, प्रभु राम की मानी जाती है। क्योंकि इस दिन श्री रामचंद्र जी अत्याचारी रावण को उसके पापी शरीर से मुक्ति दिला कर अयोध्या वापस लौटे थे, और जब वह अयोध्या वापस आए तो उनका राज्य पूरा हर्षित हो गया। क्योंकि वह सबके प्रिय राजा थे। उनके वापस आने की खुशी में लोगों ने दीपों से अपने घर को जगमग कर दिया। तब से यह त्यौहार इसी तरह से मनाया जाने लगा।

यह तो थे राम भक्त के लोगों की कहानी। परंतु कृष्ण भक्ति के लोग इसलिए इस त्योहार को मनाते हैं क्योंकि इसी दिन कृष्ण ने नरकासुर को मारा था और उसके चंगुल से कम से कम 16000 रमणियों को आजादी दिलवाई थी। क्योंकि यह शासक बहुत ही अत्याचारी था, इसलिए इसके मरने की खुशी में लोगों का मन मोर की तरह नाचने लगा और उन्होंने खुशी में अपने घर में दीपक जलाए।

इसके पीछे एक और कथा है। इसी दिन समुद्र मंथन भी हुआ था और समुद्र मंथन होने पर लक्ष्मी जी प्रकट हुई थी। उनके प्रकट होने पर देवताओं ने उनकी पूजा की थी।

वहीं कुछ भक्त यह भी मानते हैं कि इस दिन यानी कि धनतेरस के दिन भगवान विष्णु ने नरसिंह का रूप धरा था और अपने भक्त प्रहलाद को हिरणाकश्यप से छुटकारा दिलाया था।

वहीं सिख धर्म के लोगों की अलग मान्यता है। उनका कहना है कि इसी दिन उनके छठे गुरु हरगोविंद सिंह जी को जेल से रिहाई मिली थी। इसलिए सिख लोग भी इस पर्व को बहुत धूमधाम से मनाते हैं। इसके इलावा कुछ लोग यह भी मानते हैं महर्षि दयानंद को भी इसी दिन स्वर्ग प्राप्त हुआ था।

इस पर्व के साथ बहुत सारी कहानियां जुड़ी हुई है। जितनी भी कहानी आप सुनेंगे वह सब कम है परंतु प्रमुख कहानियां यही है।

पर्व का आयोजन- दीपावली का त्योहार जैसे ही आता है। उसके आगे पीछे त्योहारों की लड़ी लग जाती है। दीपावली से 2 दिन पहले त्रयोदशी को धनतेरस मनाते हैं। धनतेरस पर लोग नए बर्तन खरीदते हैं। चतुर्दशी को नरक चौदस मनाया जाता है। अमावस्या को दीपावली मनाई जाती है। दीपावली से अगले दिन लोग गोवर्धन पूजा के लिए जाते हैं। क्योंकि माना जाता है कि इस दिन कृष्ण जी ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली से उठाकर गोकुल धाम वासियों की इंद्र के प्रकोप से रक्षा की थी। उस के दूसरे दिन भैया दूज मनाया जाता है।

महत्त्व- इस त्यौहार को छोटे-बड़े, गरीब-अमीर हर तरह की जाती, हर तरह के लोग मनाते हैं। अगर आप बाजारों में जाएंगे तो पूरी बाजार दुल्हन की तरह सजी दिखाई देती है। रंग बिरंगे खिलौने, रंग बिरंगे फूल, पुष्पमालाएं, रंग बिरंगी मिठाईयां देखने को मिलते हैं। वही बालक इस पर्व को लेकर अति उत्साहित रहते हैं और उनका उत्साह पटाखों के जरिए हम देख सकते हैं। सबसे बेहतरीन दृश्य होता है दीवाली की रात का, इस दिन सभी घर ऐसे लगते हैं जैसे शादी वाले घर हैं।

इन सबके अलावा दीपावली व्यापारियों के लिए भी बहुत ही महत्वपूर्ण और शुभ दिन माना जाता है। इस दिन व्यापारी अपने पुराने बही खाता बंद करते हैं और नए तरीके से व्यापार आरंभ करते हैं। सभी धर्म और जाति के लोग इस पर्व को अति उत्साह से मनाते हैं। दिवाली पर सफाई होने के पीछे कारण यह भी है कि दिवाली से पहले वर्षा ऋतु होती है, जिसकी वजह से घर में दुर्गंध आ जाती है और सफाई हो जाने के बाद दिवाली वाले दिन पूरा घर सुगंधित हो उठता है।

दिवाली जैसे उत्साह वाले दिन दुख तब होता है, जब इस दिन लोग इस त्योहार को गलत तरीके से मनाते हैं। कहने का भाव है कि कुछ लोग इस दिन जुआ खेलते हैं, शराब पीते हैं जो कि बिल्कुल ही गलत आदत है। इस दिन हमें नास्तिक,अराष्ट्रीयता और नकरात्मक चीजों का त्याग कर देना चाहिए।

उपसंहार-

दिवाली भारत का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इसके महत्व को हमें गलत रूप में नहीं लेकर जाना चाहिए। इसके महत्व को हम समझे। जुआ खेलकर और शराब पीकर इस पर्व को ना मनाए। इस त्यौहार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाएं। त्योहारों की वजह से ही देश में एकता होती है। इसलिए महत्वता को समझने की कोशिश करें और इसके सभी नियमों का पालन करें। इस महान पर्व पर बुराई करने वालों का विरोध करें और खुद बुराइयों से बचे।

लाजवाब चिली चिकन बनाने का सबसे आसान तरीका

लाजवाब चिली चिकन बनाने का सबसे आसान तरीका। ( chilli chicken bnaane ka sabse aasan tarika)

हम सभी लोग घर में हमेशा कुछ ना कुछ अलग बनाने की कोशिश करते रहते हैं और कुछ तो ऐसी रेसपी होती हैं जिनको हम लोग घर पर बहुत कम ही बनाते हैं उसको हम लोग ज्यादातर बाजार में जाकर खाना पसंद करते हैं।

या फिर किसी होटल या रेस्टोरेंट में जाकर लेकिन आज हम आपको जिस रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं वह रेसिपी आप कभी भी अपने घर में बहुत जल्द बना कर खा सकते हैं।

अगर कभी भी आपके घर पर मेहमान या फिर किसी भी तरह की पार्टी हो तब भी आप इस रेसिपी को बनाकर अपने मेहमानों का दिल खुश कर सकते हैं।

आज हम आपको चिली चिकन के बारे में बताने जा रहे हैं कि इस को हम किस तरह से बहुत जल्दी और आसानी से लाजवाब तथा स्वादिष्ट बना सकते हैं।

चिली चिकन जो कि एक नॉन वेज खाना है इसे लोग बहुत ज्यादा खाते हैं जो की रोटी, रुमाली रोटी,नान तथा चावल के साथ बहुत आराम से खा सकते है,कभी भी अगर आपके घर पर कोई मेहमान आ जाए, आप अगर सोच रहे हो कि क्या जल्द से जल्द बना सके तब चिली चिकन बना दें।

जिससे की आपके मेहमान भी खुश हो जाएंगे और आपकी एक अच्छी स्वादिष्ट रेसिपी भी बन जाएगी, चिली चिकन बनाने के लिए लगभग 20 मिनट का समय चाहिए।

अगर आपके पास सामग्री तैयार हो,तो हम आपको बता रहे हैं तीन चार सदस्यों के लिए चिली चिकन बनाने के लिए आप को कितनी कितनी मात्रा में क्या-क्या सामान चाहिए।

Chilli Chicken Recipe

chilli chicken recipe
chilli chicken recipe

Ingredients

ढाई सौ ग्राम बोनलेस चिकन।

4 टीस्पून कॉर्नफ्लोर।

5 हरी मिर्च बारीक कटी हुई।

4 बड़े चम्मच सोया सॉस।

दो बड़े चम्मच टमैटो सॉस।

4 प्याज बारीक कटा हुआ।

6 लहसुन की कलियां ।

एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर।

दो शिमला मिर्च बारीक कटे हुए ।

एक बड़ा चम्मच बारीक कटा हुआ अदरक।

4 बड़े चम्मच तेल और नमक स्वादानुसार।

चिली चिकन बनाने विधि  ( chilli chicken bnaane ki vidhi )

सबसे पहले आप सारे चिकन को एक साथ इकट्ठा कर ले और उनको अच्छे से धो लें ध्यान रखें सारे चिकन के पीस बोनलेस होने चाहिए।

अब सभी चिकन के पीस को अच्छे से धो लीजिए उसके बाद आप उस पर लहसुन तथा अदरक का पेस्ट लगा दीजिए।

लहसुन और अदरक का पेस्ट अच्छे से सभी पीस पर लगा दें कोई भी सिरा उसका खाली ना रह जाए इस बात का ध्यान रखे।

उसके बाद उसको एक बर्तन के अंदर ढक कर रख दें थोड़ी देर बाद जब पेस्ट थोड़ा सा सूख जाए तो सभी चिकन के पीस को बाहर निकाल ले।

उसके बाद गैस जला ले उस पर एक पेन रखे उसके अंदर तेल डालें और तेल को थोड़ा ज्यादा गर्म होने के बाद उसके अंदर से सभी पीस तल ले और ध्यान रखें कोई भी पीस ज्यादा जलने ना पाए।

आप सभी टुकड़ों को फ्राई करके बाहर निकाल ले।

अब आप एक पैन और गैस जला के रखे उसके अंदर थोड़ा सा तेल डालें उसके अंदर बारीक कटे हुए प्याज को डालें और उसको थोड़ा हल्का ब्राउन होने तक भूनते रहें अब इसके अंदर कटी हुई बारीक शिमला मिर्ची डाल दें और उसको भी उसी के साथ हल्का ब्राउन होने तक पकने दे साथ में अब मिर्ची डाल दें और बाकी मसाले भी इसके अंदर डाल दें ताकि सब का मिश्रण अच्छे से हो जाए।

और सब को दो-चार मिनट तक अच्छी तरह पकने दे, जब मसालो की खुशबू आने लगे उसके बाद उसके अंदर सोया सॉस डाल दे और जो साथ में चिकन के पीस थे उसको भी उसके अंदर डाल दें ताकि सभी मसाले और सभी पीस एक दूसरे के साथ पक जाए और वह एक दूसरे के साथ मिक्स हो जाएं।

अब उसके अंदर 2 कप पानी डाल दें पानी डालने के बाद उसे 5 से 8 मिनट तक ढककर रख दे ताकि वह अच्छे से पक जाए। आपका चिली चिकन तैयार है अब आप इसे किसी भी रोटी,नान या रुमाली रोटी के साथ अपने मेहमानों को सर्व कर सकते हैं और खा सकते हैं ये बहुत ज्यादा लाजवाब और स्वादिष्ट होगा।

diwali sms

आप सभी को पता होगा इस साल दिवाली पर्व 19 अक्टूबर को पूरी इंडिया में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाएगा। दिवाली हर साल आती है और इस फेस्टिवल को शायद ही कोई होगा जो नहीं मनाता होगा। हर साल दिवाली का इंतजार सभी भारतीयों को बड़ी बेसब्री से होता है। दिवाली के जैसे ही दिन नजदीक आते हैं। तबसे मिठाइयां खरीदना लोग शुरू कर देते हैं। और मिठाई बांटते है। दिवाली वाले दिन दिए जलाए जाते हैं। लक्ष्मी, विष्णु भगवान की पूजा की जाती है घर को अच्छे से सजाया जाता है। और हर जगह लड़ियाँ लगाई जाती है।
धूमधाम से लोग पटाखे फोड़ते है और भी बहुत से कारण है। जिसकी वजह से सभी को दिवाली फेस्टिवल अच्छा लगता है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में दिवाली sms और शुभकामनाएं कैसे दूसरे को शायरी के रूप में दें। यह बताएंगे। ताकि आप अपने फ्रेंड और फैमिली को इसे सुनाके उनकी दिवाली और बढ़िया कर दो।

इस दिवाली जैसे शुभ पर्व को प्यार और शांति से मनाते हैं,
रुठे हुए को इस दिन हम अपने करीब लाते हैं, लग जाओ प्यार से सबके गले, इस दिन हम प्यार भरा दीप जलाते हैं।
दीपावली मुबारक हो आपको!

दिवाली आई पुरानी यादें लाई,
भूल गए थे जो फुलझड़ियों के साथ खेलने वाला बचपन,
क्या हुआ अगर वो आज पास नहीं है,
परंतु दिवाली के साथ उनकी यादें तो आयी
इसलिए आज खुशियों से ये आंखे नम हो आयी।
“हैप्पी दिवाली”

अँधेरा हुआ तो रात आ गई,
सुबह दिवाली के साथ आ गयी,
उठो और देखो एक मेसज आया है
मेसज के साथ दिवाली की शुभकामनाएं साथ आ गयी।
A Very-Very Prosperous Deepawali 2017

हर दम खुशियाँ रहे तुम्हारे आस पास, दामन में हो खुशियां ढेर सारी,
यही दुआ है हमारी और इसके साथ आपको  Happy Diwali

दिवाली का त्यौहार इको फ्रेंडलीे मनाना है,
सुरक्षित और अपनो के साथ मनाना है,
मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान को आगे लेकर जाना है,
दीवाली पर एक नया इतिहास बना कर दिखाना है।
Happy Deewali !

चेहरे पर हंसी रख कर दीये तुम जलाना,
जीवन में नई उलास और उमंग को लाना,
दुख सभी भूल कर,
सबको प्यार से अपनाना गले,
और यादगार दीवाली तुम मनाना, दीवाली 2017 की शुभकामनायें

दीपक की रोशनी सब जगह जगमगाए,
लगे हैं ऐसा राम संग सीता मैया आए,
हर घर, हर शहर अयोध्या जैसे सजाएं,
आओ प्यार से हम सब दिवाली मनाएं।

लक्ष्मी पधारेंगी तुम्हारे घर तुम्हारा नाम होगा, इतना काम तुम्हारा बढ़ेगा कि पैसा भरमार होगा,
सबके दिलों में करोगे तुम राज,
यही शुभकामनाएं है हमारी आज,
दीपवाली की ढेरों शुभकामनायें !

जगमगाती लड़ियों से जगमगाता आंगन हो, आतिशबाजियों की आवाज से यह आसमान रोशन हो,
तुम्हारे लिए ऐसे आए यह खुशियों की दिवाली, झूमने का मौसम हो पाली पाली।

झूम के आई है दिवाली देखो,
ढेर सारी खुशियां लाई है दिवाली देखो,
यहां वहां कहीं भी देखो,
दिवाली के जगमगाते दीप देखो ! Happy Deepawali 2017

 

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