kisan credit card scheme

 किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी  ( Kisan Credit Card Scheme ki jaankari )

किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड  योजना ( kisan credit card scheme ) शुरू हुई है जो कि उनके लिए बहुत बड़ी जरूरत बन सकती है। अगर यह क्रेडिट कार्ड उनके पास आ जाता है तो वह आसानी से कोई भी कर्जा ले सकते हैं। इसलिए यह योजना उनके लिए बहुत ही अच्छी है। इस क्रेडिट कार्ड की मदद से उन्हें खेती के लिए आसानी से खर्चा मिल जाएगा जिससे वह लोग समय से पहले ही किसान खेती के लिए उपकरण बीज और जो भी उस से संबंधित चीजे हैं वह खरीद सकते हैं।

Kisan Credit Card क्या हैं किसान क्रेडिट कार्ड ? ( Kya hai kisan credit card )

यह किसान क्रेडिट कार्ड एक तरह से उनके लिए उनके लिए पहचान पत्र है। अगर यह क्रेडिट कार्ड उनके पास आ जाता है तो वह आसानी से खेती के लिए कर्जा ले सकते हैं। और अपनी कृषि से संबंधित गतिविधियों को आसानी सुचारु रुप से चला सकते हैं। इस क्रेडिट कार्ड के अंदर उनका नाम, जमीन की जानकारी, पता, सुधार की अवधि, वैलिडिटी पीरियड और किसान का पासपोर्ट साइज फोटो इकट्ठा किया जाएगा।

किसान क्रेडिट कार्ड का इतिहास ( Kisan Credit Card ka itihas )

किसान क्रेडिट कार्ड आज से नहीं बल्कि 1998-99 में वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने आरंभ किया था। उन्होंने कहा था कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के चलते बैंक किसानों को एक तरह से गोद लेगी जिससे किसान हमारे भारत देश को बेहतरीन बीज खाद और कीटनाशक खरीद के अच्छी फसल दे सके। इसलिए नाबार्ड प्रमुख बैंको के साथ विचार विमर्श किया गया और उसके बाद एक आदर्श प्रेस किसान क्रेडिट कार्ड योजना आरंभ की गई और यह स्कीम रिजर्व बैंक के साथ आरंभ की गई थी।

किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे  ( Kisan Credit Card ke fayde )

किसान क्रेडिट कार्ड  का फायदा उठाने के लिए ज्यादा पढ़ाई लिखाई की जरूरत नहीं है और इसे कम पढ़े लिखे लोग भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस योजना के चलते किसान को हर साल लोन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसलिए यह  योजना किसानों का समय और तनाव दोनों से बचाएगी। इसमें किसान को ब्याज क्रेडिट कार्ड पर मिल जाता है इसलिए किसान बिना किसी मुश्किल के अपने खेत के लिए बीज, खाद और भी अन्य जरूरत की चीजें खरीद कर एक अच्छी फसल तैयार कर सकता है। अगर कर लिया है तो उसको चुकाना भी पड़ेगा। परंतु इसके लिए किसान को चिंता करने की जरूरत नहीं है जब उन की फसल बिक जाए उसके बाद ही वह इस कर्ज को अदा कर सकते हैं।

किसान क्रेडिट कार्ड के लिए योग्यता ( Kisan Credit Card ke liye yogyta )

किसान क्रेडिट कार्ड उन्हीं किसानों को मिलता है जिनके पास खुद के खेत होते हैं या फिर किसी के खेती में वह काम करते हैं या फिर उनके पास फसल उत्पादन के लिए बहुत सारे खेत होते हैं। इस लोन को एक किसान भी ले सकता है और समूह किसान भी ले सकता है। परंतु जरूरी बात यह है कि इस क्रेडिट कार्ड को हासिल करने के लिए किसान को बैंक के ऑपरेशन एरिया में सम्मिलित होना जरूरी है।

अब आपको बताते हैं कि किसान क्रेडिट कार्ड में किन-किन चीजों के लिए कर्ज ले सकता है। वह अपनी खेती के लिए, फसल की कटाई के लिए, अगर उसने पशु पालन किया है तो उनके लिए भी ले सकता है। कृषि संबंधित कई तरह की गतिविधियां होती हैं उनके लिए भी वह लोन ले सकता है। घर की आवश्यकताओं के लिए भी वह लोन ले सकता है। इन सब चीजों के लिए बैंक किसान क्रेडिट कार्ड पर लघु कर्ज देती है।

किसान क्रेडिट कार्ड तकनीकी सुविधा : ( kisan credit card takniki suvidha )

पर्याप्त सिंचाई की सुविधाओं,मिट्टी, जलवायु की उपयुक्तता,भण्डार की सुविधा,उत्पादन की उपयुक्ता, चित्राशी हमें कितनी मिलेगी यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। कर्ज की राशि किस तरह से आपकी कृषि हो रही है, आप किस तरह की जमीन पर कृषि कर रहे हैं, इससे पहले आपको कितना कृषि उत्पादन मिला है। इन सब को देखते हुए मिलेगी।

किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत लोन सुविधा  ( Kisan Credit Card eantargat loan ki suvidha )

पहले साल किसान के क्रेडिट कार्ड पर शॉर्ट-टर्म क्रेडिट कार्ड लिमिट फिक्स कर दी गई है। उसके अनुसार फसलों की खेती और उससे उत्पन्न होने वाली फसल पर यह सब निर्भर करता है। अगर यह सब बेहतरीन तरीके से रहा तो अगले साल हर एक साल के एक से पांच में लोन 10% बढ़ा दिया जाता है और जो लिमिट शॉर्ट टर्म के लिए दी गई थी उसे हर पांचवें साल पर 150% बढ़ा दिया जाता है।
इस तरह की बहुत सारी प्रक्रिया किसानों के क्रेडिट कार्ड में जोड़ी और घटाई जाती है। इसलिए आजकल किसानों के लिए यह क्रेडिट कार्ड बहुत ही जरूरी है क्योंकि प्राकृतिक आपदा की वजह से किसानों की फसलों का बहुत नुकसान होता है। जिसकी वजह से उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर जाता है। इसलिए यह क्रेडिट कार्ड उन की तकलीफ़ों को कम करने के लिए शुरु किया गया है।

sukanya samriddhi yojana

 बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ सुकन्या समृद्धि योजना  ( Beti padhao, beti bachao sukanya samriddhi yojana )

जैसा कि हम सब जानते हैं कि आजकल के जमाने में लड़कियों की संख्या कम होती जा रही है। क्योंकि लड़कियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है। बस इसी महिलाओं के स्वास्थ्य सुविधा के लिए सरकार द्वारा कई योजना बनाई जा रही है। लड़कियों को शिक्षित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा समृद्धि योजना ( sukanya samriddhi yojana ) की शुरुआत की गई है। और भी अन्य जरूरतों के लिए सरकार के द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रहे हैं। सुकन्या समृद्धि यह जो योजना है बेटियों की पढ़ाई और उनके शादी के खर्चे के लिए बनाई गई है। जिससे की बेटियों के मां बाप उनकी शादी का खर्चा आसानी से उठा सके।

यह योजना के अंतर्गत सभी बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी के लिए डाक विभाग के पास सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट खुलवाया जा सकता है। डाक विभाग के किसी भी पोस्ट ऑफिस में आप यह अकाउंट खुलवा सकते हैं। सुविधा केंद्र में भी अकाउंट खुलवा सकते हैं। आप डॉक्यूमेंट जमा करने के बाद ही इस अकाउंट को खुलवा पाएंगे।

sukanya samriddhi yojana

जानिए क्या है सुकन्या समृद्धि योजना (  janiye kya hai sukanya samriddhi yojana )

आप अपनी बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना जब भी खुलवाने जाएं। उसमें बेटी के नाम से साल में 1000 से लेकर 1,50000 रुपए जमा कर सकते हैं।

यह पैसा आपको 14 साल तक हर साल जमा करवाना होगा। यह खाता बेटी का जब 21 साल पूरे हो जाएंगे तभी आप इसे मैच्योर करवा सकते हैं। और यह पैसा आप 18 साल में भी निकलवा सकते हैं पर यह पैसा उस समय पूरा नहीं निकलेगा बल्कि आधा ही निकलेगा।

सुकन्या समृद्धि योजना के अनुसार यह सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के लिए बहुत लाभदायक योजना है। परंतु अगर आपके बेटी की शादी 18 वर्ष में हो जाती है तो यह योजना बंद हो जाएगी।

अगर आपको पेमेंट लेट हुई तो आपको 50 रूपय पैनल्टी भी भरनी पड़ सकती है। यह खाता पोस्ट ऑफिस में ही नहीं खुलता है बल्कि कई सरकारी व निजी बैंक में भी इस योजना के तहत खाता खुलवा सकते हैं।

अगर आपकी दो बेटियां हैं तो आप अपने दोनों बेटियों के लिए खाता खुलवा सकते हैं। अगर Judwaa है तो उसका प्रूफ आपको दिखाना पड़ेगा, तभी आपका तीसरा खाता खुल पाएगा।

बेटियों के मां बाप कभी भी खाते का ट्रांसफर करवा सकते हैं। मांन लीजिये बेटियों की सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत 2015 में कोई भी व्यक्ति 1000रुपए महीने में अकाउंट खुलवा सकता है। उसे 14 साल तक यानी 2028 तक आपको हर साल 12000 डालने होंगे और जो हिसाब होगा उसे हर साल 8.6 फिसदी ब्याज मिलता रहेगा। जब आपकी बेटी 21 साल की हो जाएगी तो उसे 6,07,128   रुपए मिलेंगे।

बेटी के शादी से मां बाप बहुत परेशान रहते हैं। इस योजना सुनने से उन्हें काफी राहत मिल जाएगी। कुछ मां-बाप की मजबूरी भी हो जाती है लिंग अनुपात करवाने की।  इस योजना से उन्हें काफी खुशी मिलती है। बेटियों की कमी हो गई थी। हमारी यह योजना हमें एक सहनशक्ति दे रही है। हमें बेटियों को बचाना है। बेटियों के बिना हम अधूरे हैं वो हमारी खुशी है। और खुशी की बात तो यह है कि आप 14 साल में केवल 1.68 लाख जमा करेंगे और आपको 4,39,128   रुपए ब्याज के साथ मिलेगा।
बेटियों के लिए सरकार ने यह योजना बनाई है।

सुकन्या समृद्धि योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज (  sukanya samriddhi yojana ke liye documents )

इस दस्तावेज में आपको

  • बच्चे के जन्म का प्रमाण पत्र,
  • एड्रेस प्रूफ,
  • ID प्रूफ,
  • सुकन्या समृद्धि योजना का जो फॉर्म है वह ऑनलाइन आपके लिए उपलब्ध है। उस फॉर्म को डाउनलोड करें और उसे भर के ऑनलाइन सबमिट करें।

udyog aadhar

 उद्योग आधार के लाभ व रजिस्ट्रेशन की जानकारी। ( benefits and information about udyog aadhar )

हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हर तबके के लोगों को एक साथ लेकर विकास की ओर अग्रसर होने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे देश के विकास के लिए धन का सबसे ज्यादा बड़ा हिस्सा हमारे देश में होने वाले व्यापार से आता है। इसलिए हमारे देश की सरकार व्यापार में हमारी सहायता करने के लिए बाध्य है। आज हम आपको इसकी पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। ( udyog aadhar )

udyog aadharउद्योग आधार क्या है?  ( What is udyog aadhaar? )

उद्योग आधार एमएसएमई मंत्रालय द्वारा जारी किया गया 12 अंकों का पंजीकरण है। यह भारत सरकार द्वारा जारी किया जाता है। काफी समय से आ रहे चले आ रहे छोटे छोटे उद्योगों को और इसी तरह के नए उद्योगों को इस तरह का पंजीकरण दिया जा रहा है। उद्योग आधार को प्राप्त करने के लिए पंजीकरण कराना आवश्यक होता है। 18 सितंबर 2015 को सरकार ने इस के हवाले से उद्योग आधार मेमोरेंडम जारी किया था। उद्योग आधार की सहायता से MSME के अंतर्गत आप चाहे तो पंजीकरण करा सकते हैं।

पहले एमएसएमई के अंतर्गत पंजीकरण कराने के लिए लोगों को बहुत सी कागजी कार्रवाई करनी पड़ती थी। इसके लिए उन्हें EM 1 और EM 2 नामक दो फॉर्म को भरना पड़ता था। यह काम बहुत ही ज्यादा पेचीदा होता था। लेकिन जबसे उद्योग आधार आ गया है लोगों को इस विभिन्न तरह के फॉर्म को भरने की आवश्यकता नहीं रही है। यदि आपका व्यापार स्मॉल, मीडियम या फिर माइक्रो इंडस्ट्री में करना चाहते हैं तो आप बहुत ही आसानी से पंजीकरण करा सकते हैं। यह पंजीकरण ऑनलाइन शुरू किया जा चुका है। इसलिए ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए बहुत ही ज्यादा कम समय लगता है और इसके साथ-साथ हमें गैरजरूरी औपचारिकताओं से भी राहत मिलती है।

एमएसएमई विभाग क्या है? ( What is MSME department? )

एमएसएमई नामक विभाग हमारे देश में चल रहे स्मॉल, मीडियम और माइक्रो व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें नियंत्रित करने का भी कार्य करता है। इसके अलावा यह विभाग इस तरह के उद्योगों को शुरू करने के लिए तकनीकी तथा आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है। आजकल यह मंत्रालय कलराज शर्मा के अधीन है। कलराज शर्मा 26 मई 2014 से इस पद पर कार्यरत हैं।

उद्योग आधार की पृष्ठभूमि  ( Udyog aadhar scheme )

सन 2006 में हमारे देश की सरकार द्वारा एक अधिनियम संसद में पास कराया गया।  इस नीति को अमल में लाया गया। इस अधिनियम के अनुसार हमारे देश की सरकार सभी छोटे और मध्यम उद्योगों को विश्व स्तर पर लाने की कोशिश करेगी तथा उनके बीच में प्रतियोगिता बढ़ाने की भी। MSMED अधिनियम के अनुसार MSME मुख्यतः दो भागों में बांटा गया है।

1. सर्विस इंटरप्राइजेज
इस विभाग के अंतर्गत वह उद्योग जो हमें विभिन्न तरह की सेवाएं देते हैं वह उद्योग आते हैं।

2. मैनुफैक्चरिंग इंटरप्राइजेज
इसके अंतर्गत बड़े छोटे प्लांट मशीनरी में निवेश किया जाता है।

उद्योग आधार के लाभ।  ( benefits of udyog aadhar )

1. उद्योग आधार का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसके अंतर्गत पंजीकरण कराने के लिए सारी औपचारिकताएं हमें ऑनलाइन ही पूरी करनी पड़ती है।

2. उद्योग की जानकारियों की लिए हम चाहे तो अपने हिसाब से फॉर्म को भर सकते हैं।

3.इस पंजीकरण को कराने के लिए उधमी को अपने नाम, पता, बैंक डिटेल आदि देना पड़ता है।

4. यदि एक व्यक्ति चाहे तो वह एक से अधिक उद्योग आधार फॉर्म भर सकता है।

5. एक बार अगर आपका फॉर्म अपलोड हो गया तो फॉर्म के समय दिए गए ईमेल पर आपके पंजीकरण संख्या आ जाती है।

6. इस फॉर्म को भरने के लिए हमें सरकार की तरफ से लगाए हुए किसी भी शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ता।

उद्योग आधार के लिए आवश्यक दस्तावेज।  ( Udyog aadhar documents )

1. यदि आवेदक के पास किसी तरह की जाती प्रमाण पत्र है तो उसे जमा देने की आवश्यकता होती है।

2. उद्योग आधार के लिए कौन से आवश्यक दस्तावेज है।

3. आवेदक के पास इस फॉर्म को भरने के लिए 12 संख्या का आधार संख्या होनी आवश्यक होती है।

4. उद्योग आधार में आपने जो भी नाम दिया है उद्योग के मालिकाना हक के लिए उसी नाम का प्रयोग किया जाएगा।

5. यदि आप व्यापार चलाना चाहते हैं तो व्यापारिक संस्था का कानूनी तौर पर सही नाम देना अति आवश्यक है।

6. यदि कोई व्यक्ति चाहे तो वह एक से अधिक उद्योग आधार के लिए आवेदन कर सकता है।

7. आवेदक को संस्था का प्रकार का प्रमाण देना होता है।

8. व्यापारिक स्थल के पते का प्रमाण पत्र, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस देना अनिवार्य है।

9. उद्योग शुरू होने की तारीख का प्रमाण भी आवश्यक होता है।

उद्योग आधार के लिए पंजीकरण करने की विधि। ( udyog aadhar registration online and offline )

1. इसके पंजीकरण के लिए ऑफलाइन या ऑनलाइन किसी भी तरह का आवेदन किया जा सकता है।

2. इसकी सहायता से सरकार द्वारा दी जा रही है अलग अलग तरह की सेवाओं का आवेदक लाभ उठा सकता है। और इसका लाभ उठाते हुए अपने व्यापार का विस्तार भी कर सकते है।

3. पंजीकरण किए गए एंटरप्राइजेस को सरकार अलग-अलग तरह की सब्सिडी मुहैया कराती है।

4. यदि आवेदक विदेश में होने वाली प्रदर्शनी में भाग लेना चाहता है तो उसे सरकार द्वारा विदेश जाने के लिए पैसा दिया जाता है।

5. इस तरह आधार उद्योग से जुड़कर छोटे, मध्यम, सूक्ष्म व्यापारी अपने विकास अपने व्यापार को विकास की ओर अग्रसर कर सकते हैं और अपने व्यापार को एक नई दिशा देने में सक्षम हो सकते हैं।

6. इसके अलावा व्यापारी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ भी ले सकते हैं और कई लोग तो इसका लाभ उठा भी रहे हैं।