इन गुणों को जानकर आप भी लगाएंगे अपने घर में तुलसी का पौधा
( In gunon ko jaankar ap bhi khayenge apne ghar me tulsi ka podha)

आपको ज्यादातर हिंदू परिवारों में सब जगह पर तुलसी का पौधा भी दिखाई देगा और साथ ही में हिंदू धर्म में तुलसी की पूजा भी की जाती है। कार्तिक के महीने में तुलसी की पूजा बड़े जोर शोर से होती है और उनका विवाह भी किया जाता है कहते ैं कि तुलसी सुख और कल्याण का प्रतीक होती है जहां धर्म धर्म में इनका महत्व इतना होता है वहीं औषधि के रूप में भी इनका प्रयोग लोग अपनी जिंदगी में करते हैं अगर आप उनका प्रयोग करेंगे तो आपको कई बीमारियों का इलाज करवाने के लिए डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है यह छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बीमारियों से निजात दिलाने की क्षमता रखता है

आयुर्वेद में भी तुलसी और उससे मिलने वाले गुणों का खास स्थान पाया गया है तुलसी को हिंदू धर्म के नहीं बल्कि हर धर्म के लोग संजीवनी बूटी के सामान मांगते हैं आयुर्वेदिक चिकित्सा में कहा गया है कि अगर आप तुलसी के पौधे का हर भाग कभी इस्तेमाल करेंगे तो भी आप को किसी न किसी बीमारी से जरुर फायदा होगा जहां तुलसी के पत्तों का अपना महत्व है वही तुलसी की जड़ शाखाएं और बीच इन सब का भी अपना एक अलग स्थान है आपने देखा होगा कि ज्यादातर लोग अपने घर में दो तरह के तुलसी लगाते हैं एक तुलसी की पत्ती कारण गहरा होता है और दूसरी तुलसी की पत्ती का रंग हल्का होता है जहां तुलसी शरीर की बीमारियों से निजात दिलाती है वही यह वातावरण को भी शुद्ध रखती हैं जिसे पर्यावरण संतुलित रहता है
आज हम आपको ऐसे ही तुलसी के कुछ घरेलू नुस्खे और फायदे के बारे में बताएंगे जिससे आपको पुराने रोगों से छुटकारा मिल जाएगा

tulsi ke fayde

1. टीबी के रोग को कर देती है छूमंतर
अगर आप तो ऐसे का इस्तेमाल करते हैं तो इससे आपको दमा और TV के रुप से छुटकारा मिल सकता है जो लोग रोजाना तुलसी के पत्ते का सेवन करते हैं उनको दमा और TV जैसी बीमारियां नहीं होती हैं तुलसी के पत्ते जैसे ही अंदर जाते हैं वे शरीर में फैलने वाले जीवाणुओं को रोक देते हैं जिससे कि आपको बीमारियां नहीं होती हैं अगर आपको दमा कफ और सर्दी से परेशानी हो रही है तो शहद अदरक और तुलसी को मिलाकर एक गाना बनाएं और उससे पिए इससे आपको इन सब बीमारी से छुटकारा मिलेगा

2. मलेरिया को रखे दूर

अगर आप मलेरिया और टाइफाइड की बीमारी से जूझ रहे हैं तो तुलसी के 11 पत्ते वाले और चार खड़ी काली मिर्च इन दोनों को का सेवन करें इससे आपको टाइफाइड और मलेरिया की बीमारी से छुटकारा मिलेगा साथ ही ने मच्छर के काटने से जो भी बीमारियां होती हैं अगर उसमे भी आप तुलसी के पत्ते का सेवन करेंगे तो आप को राहत मिलेगी

3. पैरासिटामोल से बेहतर है कि आप खाए तुलसी
अगर आप को बुखार आ गया है तो बेहतर है कि आप पेरासिटामोल की जगह तुलसी का इस्तेमाल करें 20 तुलसी दल के पत्ते लें और 10 कालीमिर्च ले इन द इन दोनों को पानी में अच्छे से उबालकर इसका कारण है आपका घर पुराना बुखार भी होगा तो वह भी गायब हो जाएगा

4. कुष्ठ रोग में तुलसी को देख कर भाग जाए
अगर आपको यहां पर किसी रिश्तेदार को कुष्ठरोग है तो चिंता करने की बात नहीं है बस तुलसी की जड़ को पीसने उसे शॉर्ट में अच्छे से मिला ले और रोजाना पानी के साथ पिए आपको बहुत जल्दी कुष्ठ रोग से फायदा मिलेगा इसके अलावा तुलसी के पत्तों का रस निकालकर भी अगर आप पानी के साथ मिलते हैं तो भी आपको कुष्ठ रोग में फायदा मिलेगा और आप विश्वास नहीं करेंगे कि आयुर्वेदिक वाले कहते हैं कि जिनके घर में तुलसी के पौधे या बगीचे होते हैं उनके घर के लोगों को कुछ रोग की संभावना ना के बराबर होती है

5. माइग्रेन और साइनस में मिलती है राहत

जिन लोगों को माइग्रेन और साइनस की प्रॉब्लम रहती है उन सबको तुलसी का काढ़ा जरूर पीना चाहिए। अगर आपको पुराना सर दर्द भी है तो भी आपको रोज सुबह शाम चौथाई चम्मच तुलसी के पत्तों का रस लेना चाहिए और उसमें एक चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर 15 दिन तक पी है आपका पूरा सर दर्द की समस्या खत्म हो जाएगी

6. आंखों के रोगों के लिए रामबाण औषधि है तुलसी

अगर आपकी आंखें कमजोर है तो श्यामा तुलसी के पत्तों का दो दो बूंद का रस 14 दिन तक अपनी आंखों में रोजाना डालें अगर आप करो तो हिंदी भी है तो उसकी भी समस्या सही हो जाएगी अगर जिंदगी आंखों में पीलापन कि समस्या है तो उसे भी इस रस को अपनी आंखों में डालना चाहिए आंखों की लाली वापस आ जाएगी और अगर आप चाहते हैं कि आपकी आंखों की रोशनी हमेशा बरकरार रहे तो तुलसी के पत्तों का रस काजल की तरह रोजाना अपनी आंखों में लगाएं इसे आंखों की रोशनी बढ़ती है

7. सभी वात रोगों को दूर करने में है सहायक
अगर आप गठिया की समस्या से जूझ रहे हैं तो तुलसी की जड़ डंठल पत्ती फल और बीज इन सबको मिलाकर एक चूर्ण बना लें और उसे अगर आप गाठिया की समस्या से जूझ रहे हैं तो तोते की जड़ डेंटल पट्टी फलोदी क्यों सब को मिलाकर चूर्ण बनाले ऑल से गुड में मिलाकर रोजाना 12 बार ग्राम की गोलियां खाएं और साथ में गाय या बकरी का दूध कभी सेवन करें इससे आपको गाठिया की समस्या से छुटकारा मिलेगा

8. किडनी के रोगों में भी है लाभकारी
जिन लोगों को किडनी में पत्थर है उन लोगों को तुलसी की पत्तियों को हमेशा उबालकर उसका एड्रेस बनाना चाहिए और उस को शहद के साथ रोजाना 6 महीने तक पिएं आप की पथरी गलकर खत्म हो जाएगी

9. सांप के काटने पर लगाएं तुलसी का लेप
अगर किसी व्यक्ति को सांप ने काट लिया है तो उस व्यक्ति को तुरंत तुलसी का पत्ता खिलाना चाहिए इससे उसकी जान बजे जाती है और जिस जगह पर उसे सांप ने काटा है उस पर तुलसी की जड़ को मखनिया की में घिसकर उसका लेप उस जगह पर लगाना चाहिए इससे वह शहर को बाहर खींच लेता है अगर वह शहर को बाहर खींच रहा है तो उस लेप का रंग सफेद से काला हो जाएगा इसीलिए तुलसी को सांप के काटने पर एक रामबाण औषधि माना जाता है

10. दिल को मजबूत बनाती है तुलसी
जो लोग हृदय रोग से पीड़ित है उन्हें तुलसी के 10 पत्ते काली मिर्च 54 बताओ इन सबको पीसकर चूर्ण बनाना चाहिए और रोजाना एक गिलास पानी और शहद के साथ इसे लेना चाहिए इससे हृदय रोग की समस्या खत्म हो जाती है

11. यौन रोगों के इलाज में कारगर है

पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है. इसके अलावा यौन-दुर्बलता और नपुंसकता में भी इसके बीज का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है.

12. अनियमित पीरियड्स की समस्या को करे दूर

अकसर महिलाओं को पीरियड्स में अनियमितता की शिकायत हो जाती है. ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है. पीरियड्स की अनियमितता को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का नियमित रूप से सेवन किया जा सकता है.

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